बंगाल में अब तक सिर्फ चुनाव हुए, पर “बंगाल अस्मिता” के लिए कभी चुनाव क्यों नहीं हुआ?
कोलकाता/नई दिल्ली। भारत का लोकतंत्र दुनिया में अपनी विशालता, विविधता और जनता की भागीदारी के लिए जाना जाता है। यहां हर वर्ष किसी न किसी राज्य में चुनावी माहौल बना रहता है। चुनाव आते ही राजनीतिक दल बड़े-बड़े वादे करते हैं, मंच सजते हैं, रैलियां होती हैं, नारों की गूंज सुनाई देती है और जनता…