जयपुर, 6 अप्रैल 2026।
प्रोजेक्ट सक्षम 4.O के तहत जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लॉ में चयनित “Justice Mitra” के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। लीगल एड क्लिनिक के तत्वावधान में न्याय भवन के सेमिनार हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में विधि छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
दोपहर 3 बजे से शुरू हुए इस कार्यक्रम में राजस्थान सह संयोजक रुशिल सिंह होरा ने स्वागत भाषण दिया .

विशिष्ट अतिथि के रूप में यूनिसेफ राजस्थान में स्टेट कंसल्टेंट (चाइल्ड प्रोटेक्शन) डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए न्याय तक समान पहुंच और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर बल दिया। सामाजिक-कानूनी क्षेत्र में दो दशकों से अधिक के अनुभव रखने वाले डॉ. श्रीवास्तव ने छात्रों को समाज सेवा के लिए प्रेरित किया।
प्रोजेक्ट सक्षम 4.ओ के कार्यकारी निदेशक एडवोकेट दिनेश चन्द मीणा ने बताया कि यह पहल पूर्णतः जीरो फंडिंग मॉडल पर संचालित हो रही है। उन्होंने कहा, प्रोजेक्ट का उद्देश्य देश के 11 राज्यों के 33 से अधिक शहरों में कानूनी जागरूकता, कानूनी साक्षरता और निःशुल्क कानूनी सहायता पहुंचाना है।”

इस अवसर पर डिप्टी कार्यकारी निदेशक अमन कुमार ने प्रोजेक्ट सक्षम 4. ओ के अंतर्गत “Justice Mitra” की भूमिका, प्रोजेक्ट के निष्पादन की संरचना (Execution Structure) तथा इसके जमीनी स्तर पर संचालन की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि Justice Mitra प्रोजेक्ट सक्षम की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जो समुदाय और न्याय व्यवस्था के बीच सेतु का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर विधि विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर नमिता वशिष्ठ ने अतिथियों को प्लांटर और स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। फैकल्टी कोऑर्डिनेटर देवाश्री अवस्थी के मार्गदर्शन में यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। गौरतलब है कि प्रोजेक्ट सक्षम 4.ओ देश के 11 राज्यों के 33 से अधिक शहरों में 2500 से अधिक स्वयंसेवकों के साथ कार्य करने की योजना के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रोजेक्ट का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों तक निःशुल्क कानूनी सहायता, कानूनी जागरूकता और कानूनी साक्षरता पहुंचाने के साथ-साथ युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा भावना को बढ़ावा देना है। यह पूरी परियोजना जीरो फंडिंग मॉडल पर आधारित है।