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OMG! मसूड़े के सूजन के कारण कटवाने पड़े हाथ-पैर, निकली ऐसी बीमारी सुनकर हिल गया मरीज

कई बार ठीक-ठाक इंसान के शरीर में ऐसी बीमारी के बारे में पता लगता है, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह जाता है. ऐसा ही एक मामला इन दिनों सामने आया है, जहां एक बंदा अपने रेगुलर चेकअप के लिए डेंटिस्ट के पास पहुंचा और 45 मिनट बाद कुछ ऐसा हुआ कि उसके हाथ और पैर को काटना पड़ गया.

डेवन वैंटरपूल नाम के एक व्यक्ति के साथ घटी यह घटना बेहद चौंकाने वाली है. वह अपने दांतों में दर्द और मसूड़ों की सूजन की समस्या को लेकर रेगुलर चेकअप के लिए डेंटिस्ट के पास गया था. जांच के दौरान डॉक्टर ने पाया कि उसके मसूड़े काफी ज्यादा सूजे हुए हैं और उनमें से खून भी आ रहा है. ये उस समय यह एक नॉर्मल डेंटल प्रॉब्लम लग रही थी, लेकिन कुछ ही घंटों में चीजें एकदम गंभीर हो गई.

डेंटिस्ट के पास से लौटने के थोड़ी देर बाद ही डेवन की तबीयत अचानक से बिगड़ गई. शुरुआत में उसे फ्लू जैसे लक्षण महसूस हुए, जैसे ठंड लगना, शरीर में कमजोरी और कंपकंपी. उसकी पार्टनर एलिसिया वाइल्डर ने बताया कि उसी रात उन्हें अंदाजा हो गया था कि कुछ ठीक नहीं है. हालांकि पहले उन्होंने इसे नॉर्मल बीमारी शेयर की, लेकिन जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो दो दिन बाद उसे अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराना पड़ा. अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि डेवन सेप्टिक शॉक में चला गया है.

क्यों काट दिए पैर?

ये एक खतरनाक स्थिति होती है, जिसमें शरीर में फैला संक्रमण तेजी से अंगों को नुकसान पहुंचाने लगता है. डेवन के महत्वपूर्ण अंग धीरे-धीरे काम करना बंद करने लगे थे, जिससे उसकी जान को गंभीर खतरा हो गया. डॉक्टरों के सामने उसकी जान बचाने की बड़ी चुनौती थी. संक्रमण को फैलने से रोकने और शरीर के बाकी हिस्सों को बचाने के लिए उन्हें कड़ा फैसला लेना पड़ा. डॉक्टरों ने एलिसिया से अनुमति लेकर डेवन का पूरा दाहिना पैर, बाएं पैर का घुटने के नीचे का हिस्सा और दोनों हाथ काटने का फैसला लिया. यह फैसला बेहद कठिन था, लेकिन उसके बिना उसकी जान बचाना संभव नहीं था.

असल में, जब डेंटिस्ट उसके मुंह की जांच कर रहे थे, तब उसके मसूड़े काफी कमजोर और सूजे हुए थे. मसूड़ों से खून बहने के कारण बैक्टीरिया को शरीर के अंदर प्रवेश करने का रास्ता मिल गया. आम तौर पर हमारे मुंह में बैक्टीरिया होते हैं, लेकिन जब वे खून के जरिए शरीर में फैल जाते हैं, तो गंभीर संक्रमण पैदा कर सकते हैं. डेवन के साथ भी यही हुआ.

एलिसिया ने बताया कि डेंटिस्ट के पास से लौटने के बाद वह कुछ समय के लिए घर से बाहर गई थीं. लगभग 45 मिनट बाद जब वह लौटीं, तो डेवन की हालत बहुत खराब हो चुकी थी. वह बुरी तरह कांप रहा था और बार-बार कह रहा था कि उसे बहुत ठंड लग रही है. इसके साथ ही उसे उल्टियां और दस्त भी होने लगे थे. अस्पताल में भर्ती होने के बाद उसकी हालत और बिगड़ती चली गई. उसे वेंटिलेटर पर रखा गया और वह कोमा में चला गया. इस दौरान उसका दिल दो बार रुक चुका था, जिसे डॉक्टरों ने बड़ी मुश्किल से दोबारा चालू किया. बाद में उसकी हालत को संभालने के लिए उसे लाइफ सपोर्ट मशीन पर रखा गया, जो आर्टिफिशियल तरीके से दिल और फेफड़ों का काम कर रही थी.

इसी बीच, डेवन को एक दुर्लभ और खतरनाक स्थिति का सामना करना पड़ा, जिसे पर्पुरा फुलमिनन्स कहा जाता है. इस बीमारी में त्वचा और मांसपेशियों के ऊतक तेजी से मरने लगते हैं, जिससे शरीर में नेक्रोसिस यानी ऊतकों का सड़ना शुरू हो जाता है. यह स्थिति बेहद जानलेवा होती है और अगर समय रहते इलाज न किया जाए, तो संक्रमण पूरे शरीर में फैल सकता है

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