रेलवे बोर्ड में गूंजा आंवला का मुद्दा: सांसद नीरज मौर्य ने रखीं 15 बड़ी मांगें, एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव से लेकर नए ओवरब्रिज तक उठाई आवाज
बिशारतगंज, आंवला और रेवती बहोड़ा खेड़ा में एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव, बरेली-भुज आला हजरत एक्सप्रेस में अतिरिक्त एसी कोच, नई रेल सेवाओं और यात्री सुविधाओं के विस्तार को लेकर रेलवे बोर्ड के समक्ष रखा विस्तृत प्रस्ताव।
(बरेली/नई दिल्ली | उत्तर प्रदेश | संदीप चंद्रा)
आंवला लोकसभा क्षेत्र के सांसद नीरज मौर्य ने रेलवे बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक में बरेली मंडल और अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़े रेल यात्रियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए विकास का व्यापक खाका पेश किया। सांसद ने रेलवे बोर्ड के समक्ष लगभग 15 प्रमुख मांगें रखते हुए स्पष्ट कहा कि यदि इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो बरेली मंडल की रेल व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा और लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
बैठक में सांसद ने सबसे पहले बिशारतगंज, आंवला और रेवती बहोड़ा खेड़ा रेलवे स्टेशनों पर महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इन स्टेशनों से प्रतिदिन हजारों यात्री सफर करते हैं, लेकिन एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव न होने के कारण लोगों को अतिरिक्त दूरी तय कर बरेली अथवा अन्य बड़े स्टेशनों तक जाना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की हानि होती है।
सांसद नीरज मौर्य ने बरेली-भुज आला हजरत एक्सप्रेस में एसी प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अतिरिक्त कोच लगाए जाने की मांग भी प्रमुखता से रखी। उन्होंने रेलवे बोर्ड को बताया कि इस ट्रेन में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और एसी कोचों में लंबी वेटिंग रहती है। अतिरिक्त कोच लगाए जाने से यात्रियों को राहत मिलेगी और यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।
रेल सुरक्षा और सुगम यातायात को लेकर सांसद ने भमोरा-आंवला तथा अखा-गैनी रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) निर्माण की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इन क्रॉसिंगों पर अक्सर लंबा जाम लगता है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ओवरब्रिज बनने से स्थानीय लोगों, स्कूली बच्चों और आपातकालीन सेवाओं को काफी सुविधा मिलेगी।
रेलवे स्टेशनों पर मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठाया गया। सांसद ने प्लेटफॉर्म पर टिनशेड लगाने, बाउंड्री वॉल बनाने, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने, महिला यात्रियों के लिए अलग प्रतीक्षालय विकसित करने, कुलियों के बैठने की उचित व्यवस्था करने तथा रेलवे की खाली भूमि का जनहित में उपयोग सुनिश्चित करने की मांग रखी। उन्होंने महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की नियमित तैनाती बढ़ाने पर भी जोर दिया।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सांसद ने इज्जतनगर स्थित मंडल चिकित्सालय में विशेषज्ञ डॉक्टरों और अन्य चिकित्सा कर्मियों की पर्याप्त नियुक्ति की मांग की। उनका कहना था कि इससे रेल कर्मचारियों और यात्रियों दोनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
रेल नेटवर्क के विस्तार के लिए सांसद ने शाहजहांपुर से मुंबई तक नई रेल सेवा शुरू करने, शाहजहांपुर-फर्रुखाबाद रेल लाइन पर संचालन प्रारंभ करने, मथुरा के लिए दैनिक एक्सप्रेस ट्रेन चलाने तथा मैलानी-लखनऊ रेल सेवा को पुनः शुरू करने की मांग भी रखी। इसके अलावा बरेली जंक्शन पर यात्री सुविधाओं के विस्तार और किला पुल के नीचे रेलवे अंडरपास निर्माण का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड के समक्ष रखा गया।
बैठक के बाद सांसद नीरज मौर्य ने कहा कि उनकी सभी मांगें क्षेत्र की जनता की आवश्यकताओं पर आधारित हैं। यदि रेलवे बोर्ड इन प्रस्तावों को स्वीकृति देता है तो आंवला संसदीय क्षेत्र सहित पूरे बरेली मंडल में रेल सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा, यात्रियों की समस्याएं कम होंगी और क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी।
अब रेलवे बोर्ड के निर्णय पर सभी की निगाहें टिकी हैं। यदि इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो बरेली मंडल में रेलवे विकास के नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है और लंबे समय से लंबित कई मांगें धरातल पर उतरती दिखाई देंगी।