नई दिल्ली | LKSTV Web | 7 जुलाई 2026
देशभर में युवाओं के बीच चर्चा का विषय बनी Cockroach Janta Party (CJP) को मंगलवार को बड़ी कानूनी राहत मिली। दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को CJP के आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट को तत्काल प्रभाव से बहाल करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि जिस कारण से अकाउंट को अस्थायी रूप से ब्लॉक किया गया था, वह अब समाप्त हो चुका है क्योंकि NEET परीक्षा पूरी हो चुकी है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP का आंदोलन लगातार 18वें दिन भी जारी है। आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार तथा कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही तय करना है।
हाई कोर्ट ने क्या कहा?
मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि X अकाउंट को ब्लॉक करने का निर्णय उस समय लिया गया था जब NEET परीक्षा को लेकर भ्रम और तनाव की स्थिति थी। अब परीक्षा पूरी हो चुकी है, इसलिए पहले दिया गया ब्लॉकिंग आदेश वापस लिया जा चुका है। इसके बाद अदालत ने CJP के अकाउंट को बहाल करने का आदेश जारी कर दिया।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों की जीत बताया।
जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP का धरना लगातार जारी है। आंदोलन में शामिल छात्र और युवा परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और छात्रों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
सोनम वांगचुक का अनशन
प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस आंदोलन का हिस्सा बने हुए हैं। वे शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हैं। उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर समर्थकों ने चिंता जताई है, जबकि CJP का कहना है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।
युवाओं में बढ़ रहा समर्थन
पिछले कुछ सप्ताहों में CJP सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुआ है। लाखों युवा इसके अभियानों से जुड़े हैं। शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर युवाओं की नाराजगी इस आंदोलन में साफ दिखाई दे रही है। विश्लेषकों का मानना है कि यह आंदोलन अब केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा बल्कि जमीनी स्तर पर भी प्रभाव दिखा रहा है।
सरकार का पक्ष
सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं। वहीं CJP और प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि बार-बार सामने आने वाली कथित अनियमितताओं के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। सरकार ने इस विषय पर विस्तृत जांच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
CJP के आंदोलन को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ भी सामने आ रही हैं। कई विपक्षी नेताओं ने आंदोलन को समर्थन दिया है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग दोहराई है। वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि छात्रों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या?
दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के बाद CJP को डिजिटल मंच पर बड़ी राहत मिली है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत होती है या आंदोलन आगे और तेज होता है। फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
निष्कर्ष
7 जुलाई 2026 का दिन CJP के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। एक ओर हाई कोर्ट से X अकाउंट बहाल करने का आदेश मिला, वहीं दूसरी ओर जंतर-मंतर पर आंदोलन लगातार जारी रहा। आने वाले दिनों में सरकार, अदालत और प्रदर्शनकारियों के बीच होने वाले घटनाक्रम पर पूरे देश की नजर बनी रहेगी। शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और युवाओं के भविष्य से जुड़े इस आंदोलन का असर राष्ट्रीय राजनीति और सार्वजनिक विमर्श पर भी देखने को मिल सकता है।
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