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फेक न्यूज और PIB फैक्ट चेक यूनिट को लेकर सरकार का बड़ा दावा, 2900 से ज्यादा खुलासे

फेक न्यूज और PIB फैक्ट चेक यूनिट को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा दावा किया है. सरकार ने सरकारी नीतियों और योजनाओं से जुड़ी फर्जी खबरों पर सख्ती बरतते हुए बड़ी कार्रवाई की है. पीआईबी (PIB) यूनिट ने अब तक 2,900 से अधिक ऐसे फर्जी दावों और खबरों का पर्दाफाश किया है जो मुख्य रूप से सोशल मीडिया पर वायरल थे।

केंद्र सरकार ने फेक न्यूज और PIB फैक्ट चेक यूनिट को लेकर बड़ा दावा किया है. सरकार ने इन मामलों में अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत काम करने वाली प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट (FCU) ने अब तक 2,913 से अधिक फर्जी दावों की पहचान कर उन्हें खारिज किया है. यह जानकारी सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

सरकार के अनुसार, यह यूनिट केंद्र सरकार से जुड़ी गलत, भ्रामक और फर्जी खबरों की पहचान करती है और आधिकारिक स्रोतों से सत्यापन के बाद सही जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा करती है. साथ ही आम नागरिकों को भी संदिग्ध कंटेंट की रिपोर्टिंग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. FCU ने अपनी जांच में डीपफेक, एआई-जनरेटेड वीडियो, फर्जी नोटिफिकेशन, नकली पत्र और भ्रामक वेबसाइट्स जैसे कई प्रकार के कंटेंट को पकड़ा है. ये सभी फैक्ट-चेक PIB के आधिकारिक प्लेटफॉर्म X, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, थ्रेड्स और व्हाट्सऐप चैनल पर उपलब्ध कराए गए हैं।

भारत विरोधी 1,400 से अधिक URL ब्लॉक।

सरकार ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी यूनिट ने सक्रिय भूमिका निभाई. इस दौरान ऑनलाइन फैल रही भ्रामक और भारत-विरोधी सामग्री की पहचान कर तुरंत उसका फैक्ट-चेक किया गया. साथ ही डिजिटल मीडिया पर ऐसी 1,400 से अधिक URL को ब्लॉक करने के निर्देश भी जारी किए गए. डिजिटल मीडिया में खबरों और कंटेंट को लेकर सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत आचार संहिता और तीन-स्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली लागू होने की भी जानकारी दी है।

सरकार का मकसद, संदिग्ध फर्जी खबरों पर लगाम लगाना।

सरकार का लक्ष्य सोशल मीडिया पर सरकारी कामकाज के बारे में फैलाई जा रही संदिग्ध फर्जी खबरों पर लगाम लगाना है. दावा है कि 2019 से अब तक हजारों संदेशों और कई यूट्यूब चैनलों का भंडाफोड़ किया गया है, जो फर्जी खबरें फैला रहे थे. इस बीच जांच के दौरान पता चला कि फेक वीडियो में मंत्रियों के एआई-निर्मित वीडियो, फर्जी निवेश योजनाएं, और फिशिंग ईमेल का उपयोग किया जा रहा है. सरकार ने संदिग्ध सूचनाओं की रिपोर्ट करने और आधिकारिक सूत्रों से पुष्टि करने की जनता को सलाह दी है.

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