ईरानी मीडिया ने इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई का एक संदेश प्रसारित किया है। ख़ामेनेई ने फ़ारसी नए साल नवरोज़ के मौक़े पर एक लिखित संदेश जारी किया, जिसे सरकारी टीवी पर पढ़कर सुनाया गया है.
नौ पन्नों के संदेश में उन्होंने कहा कि ईरान अपने पूर्वी पड़ोसियों को बहुत क़रीबी मानता है. उन्होंने पाकिस्तान को अपने पिता अली ख़ामेनेई का ‘ख़ासतौर पर पसंदीदा देश’ बताया।
उन्होंने पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच बेहतर संबंधों का आह्वान करते हुए कहा कि वह अपनी ओर से ‘ज़रूरी कदम उठाने’ के लिए तैयार हैं.
इसराइल-अमेरिका के साथ युद्ध के दौरान पड़ोसी देशों पर हुए हमलों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, “तुर्की और ओमान, जिनके साथ हमारे अच्छे संबंध हैं, उनके कुछ इलाक़ों पर जो हमले हुए, वे किसी भी तरह से इस्लामिक रिपब्लिक की सेना या रेजिस्टेंस फ़्रंट की फ़ोर्सेज़ ने नहीं किए थे.”
उन्होंने इसराइल पर ईरान और उसके पड़ोसियों के बीच फ़ूट डालने के लिए ‘चाल’ चलने का आरोप लगाया है.
‘एक साल में तीन जंग’
ख़ामेनेई ने कहा कि पिछले एक साल में उनके लोगों ने तीन-तीन युद्धों का सामना किया है.
उन्होंने कहा, “पिछले एक साल में, हमारे लोगों ने तीन सैन्य और सुरक्षा युद्धों का अनुभव किया है. पहला युद्ध जून का था, जब यहूदी दुश्मन ने अमेरिका की विशेष मदद से और बातचीत के बीच ही हमारे लगभग 1,000 हमवतन नागरिकों को शहीद कर दिया.
मैं दूसरे थोपे गए युद्ध (जनवरी के तख़्तापलट की कोशिश) और तीसरे थोपे गए युद्ध में और सुरक्षा और सीमा पर शहीद हुए लोगों के सम्मानित परिवारों और उनके जीवित बचे परिजनों के प्रति अपनी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करता हूँ.”
अपने संदेश में उन्होंने नवरोज़ (ईरान में नया साल) के लिए नया नारा भी दिया और राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय सुरक्षा की छाया में अर्थव्यवस्था को सुधारने का वादा किया. साथ ही प्रबंधन और आर्थिक समस्याओं के समाधान के लिए ‘एक प्रभावी उपाय’ प्रस्तुत करने का वादा भी किया.
आर्थिक मोर्चे पर, ख़ामेनेई ने लंबे समय से चली आ रही आर्थिक और प्रबंधकीय कमज़ोरियों को दूर करने, लोगों की आजीविका में सुधार करने और कल्याणकारी ढांचे को मजबूत करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया. उन्होंने इसे आर्थिक युद्ध का हिस्सा बताया.
उन्होंने घरेलू मीडिया को आंतरिक कमज़ोरियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने के ख़िलाफ़ चेतावनी भी दी और कहा कि ऐसी बातें दुश्मन के मनोवैज्ञानिक अभियानों को मदद पहुंचा सकती हैं, जिनका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को कमज़ोर करना है.
सहयोग की अपील।
खामेनेई ने क्षेत्रीय संबंधों के महत्व को भी रेखांकित किया, खासकर पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों के साथ और मुस्लिम देशों के बीच मजबूत संबंधों और सहयोग की अपील की. उन्होंने साझा धार्मिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक हितों के आधार पर संवाद जारी रखने की ईरान की प्रतिबद्धता भी दोहराई.
यह बयान धार्मिक संदेशों के साथ राजनीतिक और सैन्य दावों को भी जोड़ता है, जिसमें राष्ट्रीय एकता, आर्थिक मजबूती और क्षेत्रीय कूटनीति को आने वाले वर्ष की प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में पेश किया गया है.
अली ख़ामेनेई की हत्या के बाद, असेंबली ऑफ़ एक्सपर्ट ने करीब एक सप्ताह लंबी चली प्रक्रिया के बाद, उनके बेटे मोजतबा ख़ामेनेई को नेता के रूप में चुना था. मोजतबा ख़ामेनेई को 8 मार्च को ईरान का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया.
वह अपने पिता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के उत्तराधिकारी हैं. अली ख़ामेनेई की 28 फ़रवरी को अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के पहले दिन मौत हो गई थी.
सरकार की ओर से मोजतबा ख़ामेनेई के बारे में व्यापक प्रचार के बावजूद, नए नेता के सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने पर उनकी चोटों की गंभीरता और ईरान के भविष्य को लेकर अटकलों को और बढ़ा दिया है.
मोजतबा ख़ामेनेई को लेकर अटकलें।

अब तक उनके नाम से दो लिखित संदेश जारी किए गए हैं, लेकिन उनकी कोई तस्वीर सामने नहीं आई है.
“दैनिक समाचार पत्र ” ( लोकतंत्र की शान ) के मुताबिक एक ईरानी अधिकारी ने पहले पुष्टि की थी कि वह इसराइल और अमेरिका के हमले में घायल हुए थे. साइप्रस में ईरान के राजदूत अलीरेज़ा सालारियान ने निकोसिया स्थित ईरानी दूतावास में गार्डियन अख़बार को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “मैंने सुना है कि उनके पैर, हाथ और बाहें घायल हैं… मुझे लगता है कि वह घायल होने के कारण अस्पताल में हैं.”
सालारियान के अनुसार, मोजतबा ख़ामेनेई उसी हमले में घायल हुए थे, जिसमें उनके पिता और परिवार के कई अन्य सदस्य, जिनमें उनकी पत्नी भी शामिल थीं, मारे गए थे.
उन्होंने यह भी कहा, “मुझे नहीं लगता कि वह किसी भी स्थिति में भाषण देने में सहज होंगे.”
हालांकि, कई ईरानी नेताओं और अधिकारियों ने कहा है कि मोजतबा ख़ामेनेई “गंभीर रूप से घायल नहीं हुए.”
ऐसा दावा करने वालों में ईरानी राष्ट्रपति के बेटे यूसुफ़ पेज़ेश्कियान भी शामिल हैं, जिन्होंने कहा कि उन्होंने सुना है कि मोजतबा ख़ामेनेई स्वस्थ हैं और उन्हें “कोई समस्या नहीं है.”
हालाँकि ईरान की ओर से अब तक मोजतबा ख़ामेनेई की सेहत के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है.
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