महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति कटिबद्ध सीधी पुलिस ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया है। पुलिस अधीक्षक सीधी संतोष कोरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव एवं उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अमन मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना जमोड़ी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने न केवल एक नाबालिग बालिका को आरोपी के चंगुल से मुक्त कराया, बल्कि आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाने में भी कामयाबी हासिल की। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मामला थाना जमोड़ी अंतर्गत क्षेत्र का है, जहां एक 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को एक युवक द्वारा शादी का झांसा देकर और बहला-फुसलाकर संभ्रमित करते हुए साथ ले जाया गया था। जैसे ही पुलिस को इस घटना की सूचना मिली, थाना प्रभारी जमोड़ी उप निरीक्षक दिव्य प्रकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में तत्काल विशेष टीमों का गठन किया गया। आरोपी बालिका को जिले से बाहर गुजरात ले जाने की फिराक में था। पुलिस ने अपनी खुफिया तंत्र और तकनीकी विश्लेषण का सहारा लेते हुए आरोपी के हर संभावित ठिकाने पर दबिश दी। पुलिस की बढ़ती दबिश और सक्रिय घेराबंदी के कारण आरोपी स्वयं को चारों ओर से घिरा हुआ महसूस करने लगा। जमोड़ी पुलिस की सक्रियता का ही परिणाम था कि आरोपी बालिका को लेकर कहीं भाग नहीं सका। पुलिस ने नया बस स्टैंड सीधी के पास संदिग्ध गतिविधि देखते हुए योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की और आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी बालिका को लेकर राज्य से बाहर भागने की अंतिम कोशिश में था, जिसे पुलिस की सतर्कता ने नाकाम कर दिया। बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर उसे परिजनों के सुपुर्द करने की वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने में उप निरीक्षक दिव्य प्रकाश त्रिपाठी थाना प्रभारी जमोड़ी, उप निरीक्षक वर्षा यादव, प्रधान आरक्षक सुनील बागरी, आरक्षक अंकित सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
अपहरणकर्ता के चंगुल से बचाई गई नाबालिग बालिका