नई दिल्ली।
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और Iran–Israel conflict के बीच भारत में LPG सप्लाई को लेकर चिंता जताई जा रही है। इस बीच Ministry of Petroleum and Natural Gas ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि देश में रसोई गैस (LPG) की कमी नहीं होने दी जाएगी और आम उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस की आपूर्ति जारी रहेगी।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार मौजूदा हालात को देखते हुए देश की सभी रिफाइनरियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे LPG का उत्पादन बढ़ाएं ताकि घरेलू जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सके। मंत्रालय ने यह भी कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम भी उठाए जाएंगे।

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने कहा कि भारत के पास फिलहाल पर्याप्त ईंधन भंडार मौजूद है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश में LPG, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सामान्य बनी रहेगी।
सरकार ने LPG की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए कुछ नियमों को सख्त करने का भी फैसला किया है। 
इसके तहत घरेलू उपभोक्ता 25 दिन से पहले नया सिलेंडर बुक नहीं कर सकेंगे। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि किसी भी तरह की कृत्रिम कमी पैदा न हो और सभी उपभोक्ताओं तक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
दरअसल भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा मध्य-पूर्व से आयात करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक यदि क्षेत्र में तनाव बढ़ता है तो समुद्री मार्गों से आने वाली ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसी कारण सरकार पहले से ही एहतियाती कदम उठा रही है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्ध लंबा चलता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और LPG की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसका असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर भी पड़ सकता है। हालांकि सरकार का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अस्पतालों, स्कूलों और अन्य आवश्यक संस्थानों को LPG की सप्लाई प्राथमिकता के आधार पर दी जाएगी, ताकि किसी भी जरूरी सेवा पर इसका असर न पड़े।
कुल मिलाकर, ईरान-इज़राइल तनाव के बीच भारत सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश में LPG की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और आम उपभोक्ताओं को गैस की सप्लाई में कोई बड़ी बाधा नहीं आने दी