संभल जनपद के कस्बा सिरसी में अमेरिका–इज़राइल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनेई”की शहादत की खबर सामने आने के बाद शिया समाज में गहरा ग़म और रोष व्याप्त है। खबर मिलते ही सिरसी में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और पूरे कस्बे में शोक का माहौल बन गया।
मोहल्ला शर्की स्थित इमामबारगाह सादात से एक एहतिजाजी जुलूस निकाला गया, जो कस्बे के विभिन्न मार्गों से होता हुआ पुनः इमामबारगाह सादात पर समाप्त हुआ। जुलूस में शामिल लोगों ने काले कपड़े पहनकर और नारेबाजी करते हुए अपने ग़म और विरोध का इज़हार किया। इस दौरान कस्बे के बाज़ार स्वेच्छा से बंद रहे।
कस्बे के सभी इमामबारगाहों में मजालिस का सिलसिला जारी रहा। देर शाम इमामबारगाह कलां ग़र्बी, सिरसी में एक एहतिजाजी जलसा आयोजित किया गया, जिसके बाद एक और जुलूस निकाला गया। इन कार्यक्रमों में हजारों की तादाद में शिया समाज के लोगों ने शिरकत की।
इस मौके पर इमाम-ए-जुमा मौलाना सैयद हसीन अख्तर ज़ैदी, मुंतज़िम मुतवल्ली चौधरी सैयद फैज़ान अली नक़वी, मौलाना इकरार रज़ा, मौलाना काज़ी मोहम्मद नाज़िम, मौलाना मीसम अब्बास, मौलाना हुसैन रज़ा, मौलाना शमीम हैदर, मौलाना हुसैन और मौलाना हैदर अब्बास सहित कस्बे के उलेमा-ए-किराम मौजूद रहे।
उलेमाओं ने अपने संबोधन में अमेरिका और इज़राइल के इस हमले को आतंकी कार्रवाई बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का हमला कायरता का प्रतीक है और इससे दुनिया में अमन-ओ-अमान को गंभीर खतरा पैदा हुआ है। वक्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस घटना का संज्ञान लेने और न्यायोचित कार्रवाई की मांग की।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ और अंत में मुल्क व मिल्लत की सलामती के लिए दुआ की गई