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योगेश ने 26वीं एग्जीबिशन ऑफ डॉक्टोरल रिसर्च का किया उद्घाटन।

तारेश सचदेवा | नई दिल्ली | 27 फरवरी 2026

दिल्ली विश्वविद्यालय की पुस्तकालय प्रणाली द्वारा 102वें वार्षिक दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में केंद्रीय पुस्तकालय में 26वीं “एग्जिबिशन ऑफ डॉक्टोरल रिसर्च” प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। यह प्रदर्शनी 3 मार्च 2026 तक आमंत्रित अतिथियों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के लिए खुली रहेगी।

प्रदर्शनी का उद्घाटन डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की आत्मा उसका पुस्तकालय होता है और पुस्तकालय के बिना विश्वविद्यालय की कल्पना अधूरी है। उन्होंने इस आयोजन को शोध उत्कृष्टता, नवाचार और ज्ञान सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

उद्घाटन के पश्चात कुलपति ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित विभिन्न शोध ग्रंथों एवं डॉक्टोरल थीसिस का अवलोकन किया। साथ ही “University of Delhi: Doctoral Research” के डिजिटल संस्करण और ई-हैंडबुक का विमोचन भी किया गया, जो विश्वविद्यालय के शोध कार्यों को डिजिटल माध्यम से व्यापक पहुंच प्रदान करेगा।

अपने संबोधन में प्रो. सिंह ने कहा कि यह प्रदर्शनी समर्पण, उत्कृष्टता, धैर्य और अकादमिक प्रतिबद्धता का उत्सव है। उन्होंने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय शोध और ज्ञान सृजन के क्षेत्र में निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है, जिसका प्रमाण विश्वविद्यालय का निरंतर बढ़ता एच-इंडेक्स है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नई शिक्षा व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को स्नातक स्तर से ही शोध कार्य करने के अवसर मिल रहे हैं। चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम में शोध प्रबंध, अकादमिक परियोजनाएं, उद्यमिता, अनुवाद एवं उन्नत अध्ययन जैसे विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि लगभग 30 प्रतिशत विद्यार्थियों ने शोध-उन्मुख चौथे वर्ष का चयन किया है।

कुलपति ने स्किल एनहांसमेंट कोर्सेज (SEC) और वैल्यू एडिशन कोर्सों को छात्र-केंद्रित पहल बताते हुए कहा कि इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल, पेशेवर दक्षता और व्यावहारिक ज्ञान का विकास हो रहा है।

केंद्रीय पुस्तकालय की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि पुस्तकालय प्रणाली शोधार्थियों को हजारों ई-जर्नल्स और लगभग दो लाख ई-पुस्तकों तक डिजिटल पहुंच प्रदान कर रही है, जिससे शोध कार्य को नई गति मिल रही है।

यह प्रदर्शनी विश्वविद्यालय की शोध परंपरा और अकादमिक उत्कृष्टता को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है, जो विद्यार्थियों और शोधार्थियों को प्रेरित करने के साथ-साथ ज्ञान के विस्तार में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

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