नई दिल्ली, 2 अगस्त 2026। देश में खेलों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए संशोधित ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना पर ₹36,441 करोड़ खर्च किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। सरकार का मानना है कि यह योजना भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
संशोधित खेलो इंडिया कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देशभर में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना, खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना और ग्रामीण व दूरदराज़ क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। योजना के तहत खेल अवसंरचना के विकास, प्रशिक्षण केंद्रों के आधुनिकीकरण, उच्च स्तरीय कोचिंग, खेल विज्ञान, पोषण, फिजियोथेरेपी और खिलाड़ियों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस योजना से स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर खेल गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। युवाओं को कम उम्र से ही खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि भविष्य के ओलंपिक, एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए मजबूत खिलाड़ी तैयार किए जा सकें।
योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय खेल महासंघों (National Sports Federations) को भी वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे वे खिलाड़ियों के प्रशिक्षण शिविर, विदेशी प्रतियोगिताओं में भागीदारी, अंतरराष्ट्रीय कोचों की नियुक्ति और खेल प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बना सकें। इसके अलावा खिलाड़ियों को बेहतर उपकरण, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि खेलो इंडिया कार्यक्रम ने पिछले कुछ वर्षों में देश में खेलों के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब संशोधित योजना और बड़े बजट के साथ यह कार्यक्रम और अधिक प्रभावी बन सकता है। इससे न केवल खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा, बल्कि खेल उद्योग, रोजगार और स्थानीय स्तर पर खेल सुविधाओं का भी विस्तार होगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्यों, खेल संस्थानों और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर योजना की समीक्षा भी की जाएगी।
केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में भारत अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में अधिक से अधिक पदक जीतने वाले देशों की सूची में शामिल हो। खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराकर देश की खेल क्षमता को नई दिशा देने की तैयारी की जा रही है। ₹36,441 करोड़ की यह योजना भारतीय खेल इतिहास में एक बड़ा निवेश मानी जा रही है और इससे देश के लाखों युवा खिलाड़ियों को भविष्य में बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।
रिपोर्ट: LKSTV News Desk