📌 क्या हुआ?
आज 28 फरवरी 2026 को संयुक्त रूप से डोनाल्ड ट्रंप की अगुवाई वाले अमेरिका और बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में इज़राइल-अमेरिका ने ईरान पर बड़े सैन्य हमले शुरू किए हैं। �
सुबह के समय इज़राइल और अमेरिका ने तहान (तेहरान) समेत ईरान के कई शहरों में मिसाइल और हवाई हमले किए। �
इससे तेहरान और कई इलाकों में धमाकों और धुएँ के स्तंभ उठते देखे गए। �
🎯 हमलों का उद्देश्य क्या बताया गया?
अमेरिका और इज़राइल का कहना है कि इस ऑपरेशन का मकसद था:
✔ ईरान की मिसाइल और सैनिक क्षमता को कमजोर करना
✔ उसके न्यूक्लियर कार्यक्रम को रोकना
✔ “खतरे को पहले खत्म करना”
✔ ईरान के शासन को बदलने का दबाव बनाना �
अमेरिका ने इस अभियान को “major combat operations” बताया। �

🇮🇷 ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान ने तुरंत जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है:
ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से इज़राइल और मध्य पूर्व के उन देशों पर हमला किया जहाँ अमेरिकी सैनिक ठिकाने हैं — जैसे कि बहरीन, कुवैत, कतर और यूएई। �
ईरान की विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह “अब किसी भी अमेरिकी और इज़राइली लक्ष्य को वैध निशाना मानता है।” �

कुछ राज्यों ने अपना वायु क्षेत्र (airspace) बंद कर दिया है। �
📌 क्षेत्र में स्थिति (संक्षेप):
🔹 ईरान में लोगों में डर और पैनिक — लोग शहरों से बाहर जा रहे हैं। �
🔹 कुछ स्थानों से स्कूल और यूनिवर्सिटी बंद होने की खबरें। �
🔹 अमेरिका और इज़राइल का कहना है “मुकाबला जारी रहेगा।” �
🔹 रूस और अन्य देशों ने इस हमले की निंदा की है। �
🌍 दुनिया की प्रतिक्रियाएँ
✔ कुछ देशों ने हिंसा बढ़ने की चिंता जताई
✔ यूरोपीय नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने की अपील की
✔ रूस ने हमलों को “अनप्रोवोक्ड” बताया
✔ मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है �

📌 क्या यह युद्ध है?
हाँ — स्थिति युद्ध जैसी है।
यह सीधे सैन्य लड़ाई की शुरुआत प्रतीत होती है, जिसका असर सिर्फ ईरान-अमेरिका तक नहीं, बल्कि पूरे मध्य पूर्व और दुनिया पर पड़ रहा है। �